कल ललितासन, फ़िक्सासन, मूर्खासन आदि की इतनी चर्चा रही कि ICHR के सदस्य सचिव गोपीनाथ रविन्द्रन के इस्तीफे की बात कोने में दब गयी. वहाँ भाजपा-संघ द्वारा बिठाए गए जिस तरह के लोगों के बीच गोपीनाथ रविन्द्रन घिरे थे, उसे देखते हुए यह दुर्घटना देर-सबेर होनी ही थी. अभी कुछ समय पहले यह खबर भी आई थी कि ICHR की वेबसाइट पर डालने के लिए जब उन्होंने नए सदस्यों से उनका बायोडाटा माँगा तो गंभीर लिखत-पढ़त से धेला भर मतलब न रखने वाले इन पुराणपंथीयों में ख़ासा हडकंप मच गया था. ऐसे असुविधाजनक व्यक्ति का इस्तीफा अविलम्ब मंज़ूर होगा, इसमें संदेह नहीं, जैसे सेंसर बोर्ड वालों का हुआ था.
বাঙালির সম্পূর্ণ ভূগোল,ইতিহাস,সংস্কৃতি,সাহিত্য, শিল্প,অর্থ,বাণিজ্য,বিশ্বায়ণ,রুখে দাঁড়াবার জেদ, বৌদ্ধময় ঐতিহ্য, অন্ত্যজ ব্রাত্য বহিস্কৃত শরণার্থী জীবন যাপনকে আত্মপরিচয়,চেতনা,মাতৃভাষাকে রাজনৈতিক সীমানা ডিঙিয়ে আবিস্কার করার প্রচেষ্টা এই ব্লগ,আপনার লেখাও চাই কিন্তু,যে স্বজনদের সঙ্গে যোগাযাগ নেই,তাঁদের খোঁজে এই বাস্তুহারা তত্পরতা,যেখবর মীডিয়া ছাপে না, যারা ক্ষমতার, আধিপাত্যের বলি প্রতিনিয়তই,সেই খবর,লেখা পাঠান,খবর দিন এখনই এই ঠিকানায়ঃpalashbiswaskl@gmail.com
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment