25 मई देश के सांस्कृतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख है। 25 मई 1943 को बंबई में देश के विभिन्न शहरों से सैकड़ों कलाकार जुटे और "इप्टा" इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसियेशन की स्थापना की। इप्टा से उस समय के सभी महान गायक वादक अभिनेत नर्तक और लेखक कवि शायर जुड़े। इप्टा ने देश के स्वाधीनता आंदोलन में अप्रतिम योगदान दिया। इप्टा से जुड़े कलाकारों ने न केवल अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरूद्ध लड़ाई लड़ी वरन् देश की शोषित पीड़ित जनता की लड़ाई में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कलाकारों का यह संगठन दुनिया में निराला है।
इप्टा के स्थापना दिवस को देश भर में कलाकार 'जनसंस्कृति दिवस' के रूप में मनाते है l....इप्टा के स्थापना दिवस पर क्रन्तिकारी शुभकामनाये ...............-- .गोपाल राठी ,पिपरिया (म प्र)
বাঙালির সম্পূর্ণ ভূগোল,ইতিহাস,সংস্কৃতি,সাহিত্য, শিল্প,অর্থ,বাণিজ্য,বিশ্বায়ণ,রুখে দাঁড়াবার জেদ, বৌদ্ধময় ঐতিহ্য, অন্ত্যজ ব্রাত্য বহিস্কৃত শরণার্থী জীবন যাপনকে আত্মপরিচয়,চেতনা,মাতৃভাষাকে রাজনৈতিক সীমানা ডিঙিয়ে আবিস্কার করার প্রচেষ্টা এই ব্লগ,আপনার লেখাও চাই কিন্তু,যে স্বজনদের সঙ্গে যোগাযাগ নেই,তাঁদের খোঁজে এই বাস্তুহারা তত্পরতা,যেখবর মীডিয়া ছাপে না, যারা ক্ষমতার, আধিপাত্যের বলি প্রতিনিয়তই,সেই খবর,লেখা পাঠান,খবর দিন এখনই এই ঠিকানায়ঃpalashbiswaskl@gmail.com
Monday, May 25, 2015
इप्टा से जुड़े कलाकारों ने न केवल अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरूद्ध लड़ाई लड़ी वरन् देश की शोषित पीड़ित जनता की लड़ाई में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कलाकारों का यह संगठन दुनिया में निराला है।
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